भाईचारे की मिसाल : सिख भाइयो ने बाढ से विस्थापित मस्जिद से सुरक्षित जगह हटाई कुरआन और जानिमाज

सोशल डायरी ब्यूरो
एक तरफ संघियों की और से हिन्दू-मुस्लिममें लड़ाई लगाने की जोरदार कोशिस की जा रही है. मुसलमानों को बदनाम करने की जी तोड़ म्हणत की जा रही है. ऐसे में गैर संघी बहुजन इस कोशिस को नाकाम करते दिखाई से रहे है. और यही कारण है की भारत के 85 प्रतिशत लोगो में एकता बनी है और यह एकता, समानता, न्याय कभी कम नहीं होगा और ना इसको कम होने देंगे. भारत हमारा है (एससी, एसटी, ओबीसी, माइनॉरिटी, एनटी, डीएनटी व्हीजेएनटी बौद्ध, सिख, इसाई, मुस्लिम) बहुजनो का है. और हम बहुजन इसे बर्बाद नहीं होने देंगे.

आज ऐसा ही एक वाकिया कश्मीर में पेश आया, बाढ़ के कारण कई कच्चे घर बह गए कई लोग विस्थापित हो गए. ऐसी परिस्थिति में सिख समुदाय के भाइयो ने भाईचारे की एक मिसाल पेश कर दुनिया को दिखा दिया की "हम सब एक है"  सिख भाइयो ने इस्लामिक मजहब ग्रंथ कुरआन को मस्जिद से निकालकर सुरक्षित जगह पर रखा, मुसलमानों के साथ मिलकर मस्जिद की नमाज पढने वाली जानिमाज (चटाई) अन्य किताबे, कुरआन को सुरक्षित स्थान पर रखने में सिख भाइयो और बहनों ने मदत की. एकता और मुहब्बत की मिसाल बने सिख भाइयो की सराहना सभी धर्म की ओर से की जा रही है. सच में "सिंघ इज किंग" है.. और गुरु नानक जी का पंथ निराला है जो किसी भी धर्म से भादभाव की इजाजत नहीं देता. वाहे

गुरु दी फ़तेह, वाहे गुरु दा खालसा

Guru Nanak Da Panth Nirala

द्वारा जारी विडियो

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