चैतरफा बढ़ी मुस्लिम आरक्षण की मांग, क्या यह संभव है ?

सोशल डायरी, ब्यूरो
मराठा क्रान्ति मोर्चा, बहुजन क्रान्ति मोर्चा के बाद अब आरक्षण की मांग को लेकर मुस्लिम क्रान्ति मोर्चा महाराष्ट्र में टूल पकड़ रहा है. इस आन्दोलन की तयारी जोर-शोर से शुरू है. कई जगह आरक्षण की मांग को लेकर आयोजित किये गए मोर्चा में लाखो की संख्या में लोगो ने उपस्थिति दर्शाई, और भी महाराष्ट्र के कई इलाको में मुस्लिम आरक्षण मांग को लेकर बड़े पैमाने पर लोकशाही मार्ग से मोर्चे का आयोजन किया गया है, जिसका प्रचार-प्रसार सोशल मीडिया पर धड़ल्ले से हो रहा है. गौरतलब है की, लाखो लोगो की उपस्थिति में संपन्न सभी जिलो के मराठा क्रान्ति मोर्चा को प्रिंट एवं एलेक्टोनिक मीडिया ने ज्यादा कवरेज नहीं दिया लेकिन फिरभी निस्वार्थ सोशल मीडिया ने मोर्चा को सफल बनाने में अहम् भूमिका निभाई. उसी तर्ज पर मुस्लिम आरक्षण मोर्चा का भी प्रर्चार-प्रसार सोशल मीडिया पर धड़ल्ले से हो रहा है.



क्या मुसलमानों को आरक्षण मिलना संभव है ?
भारत के आजादी से लेकर आजतक तिन मुख्यमंत्रीयो को अगर मायनस किया जाए तो महाराष्ट्र की सत्ता मराठाओ के ही हाथ में थी. इसमें एक यह भी खास बात है की, मुख्यमंत्री चाहे किसी भी जाती का हो मराठा नेता ही प्रभाव में रहे. और आम मराठा समाज की ओर से करीब 32 वर्षो से आरक्षण की मांग की जा रही है लेकिन आजतक उनको किसी भी प्रकार का आरक्षण नहीं मिल पाया. पिछले में राज्य सरकार ने धोखाधड़ी कर 16 प्रतिशत आरक्षण तो दिया था लेकिन वह न्यायालय में नहीं टिक पाया. और मराठाओ का आरक्षण के लिए आन्दोलन आज भी जारी है. इस धरती पर मुस्लिम आरक्षण के सन्दर्भ में सोचा जाए तो ना मुसलमानों की सत्ता है, ना कोई इमानदार नेता, ना आर्थिक परिस्थिति, ना ही कोई कानून. और जो लोग सत्ता पर बैठे है वह लोग जब अपनों को आरक्षण नहीं दिला पाए वह मुसलमानों को क्या दिलाएंगे यह भी सोचने वाली बात है. मुस्लिम आरक्षण कमिटी की ओर से सच्चर की सिफारिश के तर्ज पर आरक्षण की मांग की जा रही है. अब देखना यह है की यह मांग पूरी होगी या भी नहीं ?
सभी बुद्धिजीवी पाठको से वनती की जाती है की, मुस्लिम आरक्षण पर हमें अपनी राय जरुर भेजे