बिनधास बोल : बंदरो के झूंड सा है हमारे कौम का हाल


अभी डिस्कवरी चैनल पर वाइल्ड लाइफ देख रहा था। 
कुछ भेडियें मिलजुलकर बंदरों के झुंड से एक बंदर को खींचकर मार डाला और उनकी भूख मिटाने उनके साथ ले गये।
तो बाकी सब बंदरों कूदाकूद कर जोर जोर से चिल्लाने शोरगुल मचाने लगे। उनके शोरगुल बुमाबुम ने जंगल की शांति कुछ देर तक भंग कर दी।
कुछ देर बाद सब नॉर्मल हो जाता है वो ही बंदरों का समूह अब शांति से कोमल पत्तों और ताजा फलों का सेवन करते देखे गए। 
पर वो भेडियें फिर से आ धमके। एक बंदर के शरीर के भक्षण से उन सभी की भूख मिटी नहि थी। वो अब भी तृप्त नहि थे। 
मतबल वो ही चक्र फिर से एकबार घुमा।
अब फिर से एक बंदर की जान जाएगी और फिर से ही वो शोरगुल होगा।