मेरी आवाज...........!

संजय बौद्ध
भाजपा, कांग्रेस और कम्युनिस्ट्स पार्टीयों के छात्र संगठन ही उनकी नर्सरी है, जहां से उनके नेता पैदा होते है, ये छात्र संगठन गाँव-गाँव जाकर अपनी विचारधारा का प्रचार-प्रसार कर हमारे समाज के बच्चो को खुद से जोड़ते है और उनको इस्तेमाल करते है. देशभर के अम्बेडकरवादी छात्र संगठनों की सबसे बड़ी विडम्बना ये है की उनका आंदोलन कक्षा के बेंच से शुरू होकर कैंपस में ही चाय की कैंटीन पर खतम हो जाता है. वो बाहर निकलना नहीं चाहते है और दूसरे छात्र संगठनों से मुकाबला भी चाहते है. भई, ऐसे तो कुछ नहीं होगा. समझ चुके लोगो के साथ कैंपस में पिज्जा खाने से बेहतर है की आप किसी गली-मोहल्ले के नासमझ छात्र के साथ चाय पी लीजिए और उसको अम्बेडकरी आंदोलन से जोड़िये. कैंपस की चहारदीवारी से बाहर निकले बिना आपका संगठन को चल जायेगा लेकिन आंदोलन नहीं चलेगा.
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सरफराज मालिक
गुजरात दंगो मे सरदारपुरा कांड मे 33 ( जिसमे 20 महिलाएँ थी,) लोगों को जिन्दा जला दिया गया था, आज हाईकोर्ट ने 14 अन्य आरोपियों को बरी कर दिया है, 73 आरोपियों मे से 42 तो निचली अदालत से बरी हो चुके थे। मै मान लेता हूँ कि 17 लोगों ने 33 लोगों को जिन्दा जला दिया ।
अब तो खुश हो जाइए भाई
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प्रभात त्रिपाठी
बहुत सारे हिन्दी में पढ़ाई की वकालत करने वाले लोग अपने घरों के बच्चों को अंग्रेजी माध्यम में पढ़ाते हैं। वे डरते हैं कि नीचे खड़े लोग कहीं बराबर में आकर खड़े न हो जाएँ। जब जन्मना विशिष्टता खतरे में हो तो सामाजिक विशिष्टता बनाए रखने के लिए यह सब जरूरी हो जाता है। शिक्षा सबसे मजबूत माध्यम है गैरबराबरी को दूर करने की दिशा में पहले कदम का, अतः यह जरूरी है कि विशिष्टता की रक्षा के लिए कुछ लोगों को विभिन्न आधारों पर (जैसे मूल्य चुकाने की क्षमता, साधनों तक पहुंचने की क्षमता आदि) ऊपर कर दिया जाए। आप ध्यान दीजिए कि शुद्धतावादी, राष्ट्रवादी, संस्कृतिवादी पार्टियों के नेताओं के सगे-संबंधी किन स्कूलों और माध्यम में पढ़े हैं या पढ़ रहे हैं। लोगों के शब्दों से ज्यादा कर्मो पर निगाह रखिए।
सामाजिक रूप से दबे वर्गों के लिए यह महत्वपूर्ण है कि वे इन हिन्दी प्रेमियों के झांसे में न आएँ। सामाजिक समानता के पक्षधर लोगों को भी सबके लिए समान शिक्षा का झंडा उठाना चाहिए।
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हुमा नक्वी
अमेरिकी व्हिसल ब्लोअर एडमंड्स एलन के आरोपों को लेकर बीजेपी सांसद वरुण गांधी की मुश्किलें बढ़ सकती हैं. सूत्रों के मुताबिक सीबीआई आरोपों की जांच कर सकती है. इस बीच हनी ट्रैप के आरोपों को लेकर वरुण गांधी पार्टी में भी अलग-थलग पड़ते नजर आ रहे हैं. सूत्रों के मुताबिक आला कमान ने प्रवक्ताओं से वरुण का बचाव नहीं करने को कहा है. वहीं पार्टी के कुछ वरिष्ठ नेता जांच के पक्ष में हैं.
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सुजीत कटारिया
मोदी जी भक्त कह रहे हैं चीनी समान न खरीदें, लेकीन आप तो योगा दिवस पर चटाई, सरदार की मूर्ति, मेट्रो रेल प्रोजेक्ट...चीन से लाए थे ? ..
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मोहसिन खान
रीता बहुगुणा का भाजपा में जाना ये पुरोगामी नामक छुपे हिन्दुत्वादी कांग्रेस का असली चेहरा है जो सामने आ रहा है,भाजपा हो या कांग्रेस सिक्के के दोनों बाजू की तरह समान है,पिछले लोकसभा,विधानसभा चुनाव में कई कांग्रेसी भाजपा-संघ की चड्डी पहेन चुके है और कुछ बाकी है,ये कोई सातवे अजूबे जैसी बात नही,कांग्रेस के संघीय मुखवटे बाहर आ रहे है,मुझे आश्चर्य नही हुआ!
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मेहराज त्यागी
अमेरिका के राष्ट्रपति बराक ओबामा अपने कार्यकाल के अंतिम दिनों में हैं। इस मौके पर व्हाईट हाऊस ने सेन्ट्रल हाल में लगाने के लिए उनके आठ साल के कार्यकाल के दौरान दुनिया भर के नेताओं के साथ उनकी खाघ्स तस्वीरों का एक फोटो एलबम बनाया है।
इस एलबम में राष्ट्रपति बराक ओबामा और उनकी पत्नी मिशेल ओबामा द्वारा तत्कालीन भारतीय प्रधानमंत्री श्री मनमोहन सिंह और उनकी पत्नी श्रीमती गुरशरण कौर की अगवानी करते हुए यह तस्वीर पहले स्थान पर रखी गई है।
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स्वामी बालेन्दु
पिछले तीन चार दिन से लोकल अखबारों में मेरी गिरफ्तारी की मॉग! मेरा अपराध है पूरे देश से लगभग 1000 समान विचार वाले नास्तिक मित्रों को अपने प्राइवेट परिसर में बुलाना और मेरा नास्तिक होकर ईश्वर, धर्म ग्रंथों को असत्य, काल्पनिक तथा अंधविश्वास समझना! मेरे जैसी सोच और समझ रखने वाले सभी व्यक्तियों को जेल में डाल देना चाहिए अथवा उनका नाश हो जाना चाहिए। यही मॉग है यहाँ के धर्म के व्यवसायियों की।
मुझे तो आस्तिकों से कोई परहेज नहीं, मैं तो उनसे बात करना चाहता था परन्तु वो पत्थर और पेट्रोल लेकर आ गए! क्या एक घर में दो अलग अलग विचारों के व्यक्ति शांति से नहीं रह या बात कर सकते! क्या यही धर्म है और धर्म की रक्षा ऐसे ही होती है!
क्या यह मेरा संवैधानिक अधिकार नहीं है? विशेषज्ञों की राय आमंत्रित है।