तिरंगे में लपेटा हुआ घर आया दुल्हा

पापड़दा (दौसा). कश्मीर के जुकरा इलाके में सीमा सशस्त्र बल के काफिले पर शुक्रवार रात हुए आतंकी हमले में देश का राजस्थान के दौसा का रहने वाला एक सपूत शहीद हो गया है। 22 साल के इस शहीद की अंत्येष्टि रविवार को उनके गांव में ही होगी। जवान के शहीद होने की खबर के बाद पूरे इलाके में शोक की लहर है।दीपावली के बाद होने वाली थी शादी...
- खवारावजी पंचायत की नई कोठी ढाणी निवासी घनश्याम गुर्जर तीन साल पहले ही सशस्त्र सीमा सुरक्षा बल में कांस्टेबल की पोस्ट पर रिक्रूट हुए थे।
- शुरुआती दौर में उनकी ड्यूटी अमरनाथ यात्रा में लगाई गई थी।
- वे पिछले ढाई महीने से श्रीनगर में तैनात थे। वे 25 सितंबर को ही एक महीने की छुटि्टयां बिताकर ड्यूटी पर लौटे थे।


- घनश्याम के बड़े भाई रामेश्वर को मोबाइल पर शुक्रवार रात 11 बजे घनश्याम के शहीद होने की खबर मिली।
दिवाली के बाद होने वाली थी शादी
- शहीद घनश्याम की दिवाली के बाद शादी होने वाली थी,जिसकी तैयारियां भी शुरु कर दी गई थीं।
- परिवार के लाेग शादी के लिए दिवाली के बाद छुट्टियों में उनके आने का इंतजार कर रहे थे।
पिता ने पीएम के कहा पाकिस्तानी आतंकवादियों के खिलाफ हो कार्रवाई
- शहीद के पिता रामकिशोर बेटे को खोने के गम में दिखाई दिए। उन्होंने कहा कि आखिर भारतीय जवान कब तक शहीद होते रहेंगे।
- प्रधानमंत्री को अब सख्ती से पाकिस्तानी आतंकवादियों के खिलाफ कार्रवाई कर समस्या को जड़ से खत्म करना चाहिए।
- शहीद के परिजनों को ढाढस बंधाने गुर्जर आरक्षण आंदोलन समिति के प्रदेश प्रवक्ता हिम्मत सिंह पाड़ली, सरपंच शंकर खटाणा सहित अनेक लोग पहुंचे।



पांच भाइयों में सबसे छोटा
- शहीद घनश्याम पांच भाइयों में सबसे छोटे थे। सबसे बड़ा भाई सुरज्ञान प्राइवेट नौकरी करते हैं।
- दूसरा भाई राजेंद्र खेती करता है और तीसरे नंबर का भाई भगवान सहाय सीआरपीएफ में तैनात है।
- चौथे नंबर का भाई पढ़ाई कर रहा है। शहीद घनश्याम परिवार में सबके लाड़ले थे।(भास्कर से )