एट्रोसिटी कानून को मजबूत बनाने की मांग को लेकर अहेमदनगर में भव्य मोर्चा

सोशल डायरी ब्यूरो 
आज महाराष्ट्र के अहेमदनगर जिला में "बहुजन क्रान्ति मोर्चा" नाम से एट्रोसिटी कानून को मजबूत कराने की मांग को लेकर  भव्य मोर्चे का आयोजन किया गया था. इस मोर्चा में लाखो का जनासामुदाय उपस्थित था. चारो तरफ भीड़ नजर आरही थी. इस मोर्चे की मुख्य मांग एट्रोसिटी एक्ट को बनाना है. इसके साथ ही कुछ और भी मांगो को शामिल किया गया था.



गौतलब है की, पिछले माह में महाराष्ट्र में मराठा समाज की और से एट्रोसिटी एक्ट का इस्तेमाल कर फंसाया जा रहा है इसलिए एट्रोसिटी एक्ट को ख़त्म करने के लिए मराठा क्रान्ति मोर्चा का आयोजन किया गया इस तरह के इल्जाम अनेक एट्रोसिटी समर्थको ने लगाए थे. मराठा मोर्चा की प्रतिक्रया स्वरूप बहुजन क्रान्ति मोर्चे का आयोजन किये जाने की जानकारी भी इस मोर्चा के विरोधक सोशल मीडिया पर धड़ल्ले से कर रहे है. और बहुजन क्रान्ति मोर्चा यह बहुजनो का मोर्चा नहीं बल्कि अनुसूचित जाती जनजाति का मोर्चा है. और इसका मुख्य उद्देश एट्रोसिटी एक्ट को मजबूत कराना है.
यह जानकारी भी कई लोगो ने सोशल मीडिया पर शेयर की है. बहुजन क्रान्ति मोर्चा के बैनर पर रोहित वेमुला का फोटो होने के कारण बहुजनो में सवाल पैदा हो रहा है की, रोहित वेमुला कोई बहुजन नायक नहीं है फिर इसकी तस्वीर बैनर पर प्रकाशित करने का क्या मतलब हो सकता है. इसी मोर्चा के एक कार्यकर्ता ने बताया के रोहित वेमुला को न्याय नहीं मिला इसलिए उसकी तस्वीर बैनर पर छापी गयी है. इस बात पर तौसिफ अली ने सवाल खडा करते हुए कहा की, क्या दादरी काण्ड में मारे गए अखलाख को न्याय मिया? खैरलांजी हत्याकांड में मारे गए लोगो को न्याय मिला ? अगर यह मोर्चा बहुजनो का है तो क्या बहुजनो में सिर्फ एक ही रोहित वेमुला है जिसपर अन्याय हुआ? ऐसे कई सवालों पर जवाब देने में कार्यकर्ता असमर्थ दिखाई दे रहे है.



बहुजन क्रान्ति मोर्चा में मुसलमानों को आरक्षण की मांग की गयी है साथ ही ओबीसी की जातिनिहाय जनगणना, एवं अन्य मांगे की गयी है. बताया जा रहा है की मराठा क्रान्ति मोर्चा की प्रतिक्रया में बहुजन क्रान्ति मोर्चा का आयोजन किया गया है. और इन दोनों मोर्चा में शामिल क्राउड को देखते हुए मुसलमानों ने मुस्लिम्क्रान्ति मोर्चा नाम से एक मोर्चे का आयोजन आरक्षण की मांग को लेकर किया है. इसी तरह के कई मोर्चे उना के अनुसूचित जाती के चार लोगो की पिटाई किये जाने के विरोध में किया गया था जिसमे लाखो लोगो ने उपस्थिति दर्शाई थी. लेकिन खबरों के अनुसार उना के वह चार पीड़ित गोरक्षाको द्वारा पिटाई के बाद बीजेपी में शामिल होकर बीजेपी का प्रचार करने में लगे हुए है. उना के पीड़ित आज बीजेपी के स्टार प्रचारक बने हुए है.



बहुजन क्रान्ति मोर्चा की और भी कुछ मांगे तस्वीरों में
महिलाओं को सरकारी जमीन दी जाए

मागासवर्गीय विद्यार्थियों के शिष्यवृत्ति बढाई जाए 

मुसलमानों को सच्चर कमीशन लागू कर आरक्षण दिया जाए

मुसलमानों को आरक्षण दिया जाए

ओबीसी की जातिनिहाय जनगणना की जाए

मोर्चा में शामिल लाखो लोग

छत्रपति शिवाजी महाराज की बदनामी करने वाले बाबा पुरंदरे को दिया हुआ पुरस्कार वापिस लिया जाए


(नोट- सोशल डायरी ना किसीका समर्थन करता है ना किसीका विरोध. जिन लोगो को जिस अधिकार की जरुरत होती है उनको वह अधिकार संविधान के दायरे में मिलना चाहिए यह हक़ है, और सभी का अधिकार)