नांदेड, परभणी, हिंगोली : LUDO गेम बना जुआ, हजारो रुपयों की उलाढाल, युवापीढ़ी बर्बादी की ओर



सोशल डायरी ब्यूरो
नांदेड, परभणी, हिंगोली में बढ़ी जुआरियो की संख्या
कल्याण मुम्बई मटका, दिया भवरा जुआ, ताश जैसे अनेक प्रकार के जुआ पर सरकार ने पाबंदी लगाई है. क्यूंकि जुआ खेल से इंसान को बर्बाद होने में वक्त नहीं लगता. रोज मजदूरी कर अपना और अपने परिवार की परवरिश करने वाले लोगो की तादाद इस खेल में ज्यादद रहती है. कुछ ज्यादा धन कमाने की चक्कर में निर्धन हो जाते है. भारत में 80 प्रतिशत लोग मजदूरी करते है. जुआ खेल संसार को चौराहे पर लाकर खडा करने वाला खेल है यह सब जानते है.



ludo गेम किस तरह से बना जुआ
LUDO यह दौर ऐसा दौर है की, हर किसीके पास एनरोइड, आईफोन जैसे मोबाइल पाए जाते है. इन्ही मोबाइल में कुछ गेम होते है जो टाइम पास करने के लिए होते है. लेकिन इसी टाइम पास करने वाले गेम को लोगो ने एक बहुत ही भयानक जुए का स्वरूप दे दिया है. यह गेम पर हजारो रुपये लगाकर खेला जा रहा है. एक मोबाइल बिच में रखकर चार लोग यह गेम खेलते है. और देखने वालो की भीड़ भी खामोशी से नहीं देखती बल्कि कौन जीतेगा और कौन हारेगा इसपर सट्टा भी लगाया जाता है. इस गेम में गुम लोग रात-रात भर गेम खेलने में निकल रहे है. इनको वक्त का भी पता नहीं चल रहा. यह गेम के कारण अपने परिवार के लोग रात-रात भर घर से गायब रहने के कारण महिलाओं में चिंता बढ़ी है.



कितना नुकसानदायक है गेम
गेम खेलते खेलते कब सुबह हो जाती है पता नहीं चलता. हारे हुए पैसे निकालने के लिए हारा हुआ व्यक्ति जितने की आस में पैसा लगाता ही जाता है. इस वजह से रात कब गुजर जाती है पता भी नहीं चलता जब सुबह सवेरे घर आता है तो गेम खेलकर थका हुआ व्यक्ति सो जाता है. जिससे दिनभर के काम का नुक्सान हो जाता है. रोज-मजदूरी ना करने के कारण आय बंद हो जाती है. फिर गेम में हारा हुआ पैसा वसूलने के लिए कर्ज निकालकर गेम खेला जाता है. और गेम की लत लगा हुआ व्यक्ति बर्बादी के दलदल में फंस जाता है. अपने परिवार पर ध्यान नहीं रहता. 



युवाओं को अपने परिवार की, अपने मोहल्ले की, अपने शहर की, अपने राज्य की और देश की फ़िक्र करनी चाहिए. वतन के लिए भी कुछ करना चाहिए देश में कई अनचाही वारदाते हो रही है. जो नहीं होनी चाहिए. युवाओ को देश का भविष्य माना जाता है और यह देश का भविष्य खुद का भविष्य भी भूल गया है. यह बहुत अफसोसनाक और खतरनाक बात है. गेम को जुआ बनाकर खेलने वाले युवाओं पर पुलिस प्रशासन द्वारा रोक लगाने की मांग महिलाओं की और से की जा रही है. और बुद्धिजीवी वर्ग इस विषय पर चिंतित नजर आ रहा है. पैसो से खेला जाने आला कोई भी गेम हो वह गैरकानूनी ही होता है. इसलिए इस तरह के गेम खेलने वालो पर सख्त कारवाई की मांग बुद्धिजीवी लोगो की ओर से की जा रही है.