बड़ी खबर : गायो का चारा खा गए गौरक्षक, भूक से मरी दर्जनों गाये

गौरक्षा के नाम हत्या करने वाले गौरक्षक खा गए गायों का चारा, रोजाना भूखे पेट मर रही बेजुबान गायें

देशभर में गौरक्षा के नाम पर जगह-जगह हिंसा हो रही है। बीते सप्ताह राजस्थान के अलवर में गौरक्षकों ने हरियाणा के किसान पहलू खाँ को पीट-पीटकर मारा डाला। इससे पहले भी दादरी के अख़लाक से लेकर गुजरात में दलित निशाने पर आ चुके हैं।

लेकिन गौप्रेम व गौसेवा में सड़कों पर इंसानों की हत्याएं तो की जा रही हैं लेकिन गौशाला में गायों की देखरेख ख्याल नहीं रखा जा रहा है।

कानपुर में देश के सबसे पुराने गौशाला में रोजाना गायों की तड़प-तड़पकर मौतें हो रही हैं। इऩ बेजुबान की मौतों के पीछे वहाँ की देखरेख में लगे गौसेवक ही हैं। जो गायों को चारा व सुविधाएं नहीं दे रहे हैं।



उनके नाम पर मिलने वाले पैसों को डकार रहे हैं। जिससे उनकी हालत दिन व दिन पतली होती जा रही है। बीते दो दिन पहले अचानक चार गायों की तड़प-तड़पकर मौत हो गई। उनकी मौत की वजह का पता किया गया तो पता चला कि, उनके पेट में न तो चारा था न ही पौष्टिक आहार ।

तो सवाल उठता है कि, सड़कों पर गौप्रेम दिखाने वालों को गौशालाओं में तड़प-तड़पकर मर रही गायों से हमदर्दी क्यों नहीं है ?
आपको बता दें कि, पिछले शनिवार को राजस्थान के अलवर में गौरक्षा के नाम पर हरियाणा के किसान गो-पालक पहलू खाँ की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई।

भूख की वजह से गायों ने तोड़ा दम -पशु चिकित्सक
राजकीय पशु चिकित्सक डॉ0 धमेन्द्र सिंह का कहना है कि ऐसा तभी होता है जब बहुत दिनों तक भोजन न किया जाए। साफ है कि भूख की वजह से गायों ने दम तोड़ दिया।

अब जरा एक नजर कानपुर गौशाला सोसाईटी पर-
देश की सबसे बड़ी गौशाला में शुमार कानपुर गौशाला सोसाईटी 128 साल पुरानी है। गौशाला को लगभग 22 अरब कीमत की जमीन दान के रूप में मिली हैं। जिसपर भू माफियाओं की नजरें गड़ी हैं और काफी जमीन पर अवैध कब्जे भी हो चुके हैं। शहर के तमाम धन्नासेठ गौशाला के सदस्य हैं। वर्तमान में सूबे का एक बड़ा शराब सिण्डीकेट गौशाला पर काबिज है। शराब सिण्डीकेट के खिलाफ पुरानी कमेटी कोर्ट गयी है। इस विवाद में फंसकर गायों को भोजन मिलना बन्द हो गया है।



गायों को नहीं मिल रहा पौष्टिक आहार-वैद्य
गौशाला के वैद्य की तस्दीक खुद ये तस्वीरें कर रही हैं जिनमें हड्डी का ढ़ांचा बनकर रह गयी गायें साफ दिख रही हैं। बछड़े भूखे हैं क्योंकि उनकी मांओं के थन सूख चुके हैं। इस समय गौशाला में करीब 540 गायें हैं और जिला प्रशासन के हस्तक्षेप पर उनकी जांच के लिए प्रतिदिन राजकीय पशु अधिकारी आ रहे हैं। वैद्य राम किशोर तिवारी आरोप है कि गायों को पौष्टिक आहार नहीं दिया जा रहा है जिसकी वजह से गायों की मौत हो जा रही है। उन्होंने कहा है कि गौशाला में दान भी आ रहा है लेकिन गायों को नहीं मिल पा रहा है। गौशाला में भ्रष्टाचार हो रहा है। जिसकी मजिस्ट्रेटिक जांच होनी चाहिए। 

गौशाला की जमीनों पर माफियाओं का कब्जा-सुरेश गुप्ता
कानपुर गौशाला सोसाइटी के उपाध्यक्ष सुरेश गुप्ता ने बेलाग स्वीकार किया है कि गौशाला की बेशकीमती जमीनों पर माफियाओं का कब्जा होने और दान में आयी कमी के कारण इन दिनों गायों के रखरखाव में दिक्कतें आ रही हैं।