आतंकवाद के आरोप में फंसाया गया एक और बेगुनाह मुस्लिम 9 साल बाद बाइज्जत बरी

बेलगाम सिमी मामला – हाई कोर्ट ने किया मुकद्दमे को खारिज..
नौ साल के बाद मासूम मुस्लिम नौजवान हुए दहशतगर्दी के इलज़ाम से बरी…..
बेलगाम शहर का मशहूर मुकद्दमा जो पहले से बेबुनियाद था आज उस पर कर्नाटक हाई कोर्ट ने एक बार फिर खारिज कर के साबित कर दिया के मुस्लिम नौजवानों पर दायर किया मुकद्दमा किसी भी पुख्ता सबूत के बगैर बनाया गया था.इस मुकद्दमे को जनाब ज़हीर अब्बास हत्तरकी ने बेहतरीन अंदाज़ में पुलिस के इल्ज़ामों को गलत साबित किया.

२००८ में सिमी तंज़ीम से वाबिस्ता होने का इलज़ाम बेलगाम पुलिस की जानिब से रखा जिसमे तक़रीबन ११ नौजवानों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया.इन पर ये इलज़ाम भी लगाया गया था के बेलगाम शहर में बम धमाके की साज़िश थी. लिहाज इन पर संगीन दफाएं लगायी गयी.जिसमे १२४,१५३,आर्म्सएक्ट,एक्सप्लोसिव एक्ट,मुल्क के खिलाफ बगावत जैसे दफाएं लगा कर इन्हें मुजरिम साबित करने की कोशिश की.मुकद्दमा तक़रीबन तीन साल तक चलता रहा,चालीस से भी ज़ायेद गवाहों को पेश किया गया.बेलगाम के ग्यारह मुस्लिम नौजवानों को हिंड़लगा जेल में सख्त कैद में रखा गया.अँधेरी कोठड़ी में डेढ़ साल तक रखा गया.इन नौजवानों पर जेल में भी बजरंग दल वालों की जानिब से हमला किया गया था.पुलिस ने लाठीचार्ज कर ज़ख़्मी किया था जब के ज्यूडिशियल कस्टडी में कैदियों पर हाथ उठाने की इजाज़त नहीं होती.इसके बावजूद इन पर मज़ालिम ढाये जाते थे.बहरहाल तक़रीबन चार साल का अरसा जेल में रहने के बाद बेलगाम सेशन कोर्ट के जज श्री बालकृष्णन ने इन तमाम को बाइज्जत बरी कर दिया.मुश्तबा नौजवानों की जानिब से एडवोकेट ज़हीर अब्बास हत्तरकी, एडवोकेट जनाब सहादत हुसैन,एडवोकेट जनाब मेहबूब हल्ली,एडवोकेट मुण्डर्गी,एडवोकेट एडवोकेट जालगार 


बेलगाम पुलिस की जानिब से इस मुकद्दमे को हाई कोर्ट में अपील किया गया.पुलिस का दावा था के उन्हें इस मामले में इन्साफ नहीं मिला लिहाज़ा २०१२ से मुकद्दमा हाई कोर्ट में प्रलम्बित था.पुलिस ने जो अपील दायर की थी उन तमाम ६ नुक्तों पर हाई कोर्ट ने संजीदगी से गौर फ़िक्र किया.हाई कोर्ट जज आनंद ब्यारेड्डी बेंच ने बेलगाम सिमी मामले को खारिज किया.उन्होंने अपने फैसले में ये भी कहा के मुश्तबा नौजवान सिमी तंज़ीम से होने के कोई दस्तावेज मौजूद नहीं है.जो भी दस्तावेज,सबूत पुलिस की जानिब से पेश किये थे मुकम्मल नहीं है.लिहाज़ा मुकद्दमे को ख़ारिज किया गया.


हाई कोर्ट के इस मुकद्दमे को अंजाम देने के लिए एडवोकेट ज़हीर अब्बास हत्तरकी ने खासी मेहनत फरमाई.जिसके लिए उन्हें मुख़्तलिफ़ शोबों से मुबारकबाद पेश की जा रही.इनके साथ एडवोकेट जनाब मेहबूब हल्ली,एडवोकेट शिरल्ली,एडवोकेट मुडवालमठ,एडवोकेट बढिगेर एडवोकेट रहमान शाह भी मौजूद थे.
(इत्तेहाद न्यूज़ से साभार)