आईएएस बी. चन्द्रकला के शुभचिंतक शेयर जरुर करे

फेसबुक पर सबसे ज़्यादा पसंद की जाने वाली लेडीज सिंघम से मशहूर ने बुधवार देर रात 11.30 बजे मेरठ के डीएम का चार्ज संभालने की वजह से चर्चा में हैं। चंद्रकला की पोस्टिंग जिस भी जिले में हुई, वहां वो अपने कामों को लेकर हमेशा चर्चा में रहीं। वह दबंग अंदाज के लिए मशहूर हैं।

कई मौके पर वह अफसर, कर्मचारी और ठेकेदारों को खुलेआम फटकार लगाते दिख चुकी हैं। इस बार भी उन्होंने देर रात चार्ज संभालकर सभी को चौंका दिया। क्या अधिकारी और क्या SDM सभी को देर रात ही कार्यालय बुलाकर मीटिंग ली। चंद्रकला न दिन देखती हैं न रात सिर्फ काम से उन्हें मतलब होता है।

रात 9:30 बजे सरकार से उनके ट्रांसफर के आदेश आए। उन्होंने इंतजार किए बगैर रात में ही चार्ज संभाल लिया। इससे पहले भी काम के अनोखे तरीके के चलते ही चंद्रकला ने कई बार मीडिया में सुर्खियां बटोरी हैं।


डीएम बी. चंद्रकला ने कहा, विकास कार्यों में गुणवत्ता का ध्यान रखा जाए। इसमें किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जिले में शांति व्यवस्था एवं सौहार्द का वातावरण कायम रहे। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि जि‍ले में स्वास्थ्य, शिक्षा, महिला सुरक्षा और विकास कार्यों में पूर्ण गुणवत्ता का ध्यान रखा जाए। यदि इसके बावजूद अधिकारियों के कार्य और आचरण में सुधार नहीं हुआ तो वह निश्चित रूप से दंड के भागी होंगे।


बी. चंद्रकला का जन्म तेलंगाना के करीमनगर जिले में हुआ था। वह 2008 बैच की यूपी कैडर की IAS हैं। उन्होंने सेंट्रल स्कूल से 12वीं पास की। ग्रैजुएशन के लिए हैदराबाद के कोटि वुमन्स कॉलेज में एडमिशन लिया। बी. चंद्रकला के आईएएस बनने का सफर संघर्षों से भरा रहा है। शादी के बाद उन्होंने डिस्टेंस एजुकेशन के जरिए अर्थशास्त्र में पोस्ट ग्रैजुएशन किया। इसके बाद यूपीएससी परीक्षा पास करने के लिए कड़ी मेहनत की और इसे पूरा करके दिखाया। वह एक बेटी की मां हैं और IAS बनने में उनके पति का रोल काफी अहम बताया जाता है।

बुलंदशहर की डीएम बी. चंद्रकला 1 फरवरी 2016 की शाम अपने ऑफिस में गोद लिए गांव कमालपुर के बारे में मीटिंग कर रही थीं। ग्रामप्रधान और अफसर मौजूद थे। उनके साथ कुपोषण, शौचालय निर्माण और सड़कों के बारे में चर्चा हो रही थी। तभी एक युवक खुद को उसी गांव का ग्रामीण बताते हुए मीटिंग में पहुंच गया। उसने डीएम के साथ सेल्‍फी लेनी शुरू कर दी। डीएम ने मना किया तो भी वह नहीं माना, इसके बाद उसे मीटिंग से बाहर निकाल दिया गया। उससे जब वो फोटो डिलीट करने को कहा गया तो उसने सुरक्षाकर्मियों से हाथापाई शुरू कर दी और हंगामा करने लगा। सुरक्षाकर्मियों ने उसे थाने भेज दिया। वहां से उसे शांतिभंग की धाराओं में जेल भेज दिया गया। डीएम बी. चंद्रकला ने रिपोर्टर से बोला, आपकी मां-बहन या मिसेज की फोटो खिंचवाऊं? सेल्‍फी वाले मामले के बाद चंद्रकला का एक ऑडियो वायरल हुआ। इसमें वह एक रिपोर्टर से कह रही हैं ‘क्‍या अनजान मर्दों को भेजकर आपकी मां-बहन या मिसेज की फोटो खिंचवाऊं? तुम्‍हे बहनों की इज्‍जत करनी नहीं आती।’ सेल्‍फी मामले पर रिएक्‍शन जानने के लिए रिपोर्टर ने उन्‍हें कॉल किया था।


11 दिसंबर 2015 को उन्होंने बुलंदशहर में कई इलाकों में सरकारी बजट पर हो रहे निर्माण कार्यों का जायजा लिया। इसमें इस्तेमाल घटिया सामग्री को देखकर मौके पर मौजूद जिम्मेदार लोगों पर वे भड़क उठीं। यह सब देखकर मौजूद जनता ने उनकी जमकर तारीफ की। पांच दिन की मेहनत के बाद डीएम की टीम के अफसरों ने नगरपालिका के अफसरों, ठेकेदारों और पालिका चेयरमैन पिंकी गर्ग की करतूतों का कच्चा चिट्ठा शासन को भेज दिया। इससे पहले डीएम की चेतावनी के बाद नगरपालिका के ईओ ने घटिया सामग्री का इस्तेमाल करने वाले 3 ठेकेदारों के खिलाफ केस दर्ज कराया था।


बुलंदशहर के सिकंदराबाद में एक बार पुलिस को तेलंगाना की रहने वाली जया लावारिस हालत में मिली थी। पुलिस ने उसे महिला आश्रय सदन पहुंचाया, लेकिन तेलगूभाषी होने से कोई उसकी बात नहीं पा रहा था। बी. चन्द्रकला जो खुद तेलंगाना राज्य की मूल निवासी हैं, उन्हें जब यह पता चला तो उन्होंने तुरंत जया को अपने पास बुलाया और उससे बात कर हकीकत जानी।