दुबई जाकर किया ऐसा काम, मिली सजा-ए-मौत

दुबई में 11 भारतीयों को फांसी की सजा , पाक युवक के कत्ल का है आरोप !

दुबई की एक कोर्ट ने पाकिस्तानी युवक के कत्ल के आरोप में 11 भारतीय युवकों को फांसी की सजा सुनाई है।इन सभी पर पाकिस्तानी युवक के कत्ल का आरोप है। कई महीनों से जेल में बंद युवकों में एक का नाम चंद्रशेखर है और उसी की मां ने फांसी की सजा का खुलासा किया है। मां के मुताबिक उसके बेटे को झूठे केस में फंसाया गया है।


 चंद्रशेखर का परिवार
इंडियन एक्सप्रेस की खबर के मुताबिक चंद्रशेखर होशियारपुर के हवेली का रहने वाला है और बाकी सब मलेरकोटला, लुधियाना, समराला, तरनतारन मोग और पटियाला गुरदासपुर के हैं। कर्ज लेकर बेटे को काम के लिए दुबई भेजने वाली मां ने बताया कि उसे सुबह जेल से फोन आया था।
बेटे ने कहा था कि उसने कत्ल नहीं किया है फिर भी उसे फांसी की सजा दी जा रही है। सूत्रों के मुताबिक चंद्रशेखर पिछले दो महीने से अल-आइन जेल में बंद है। हालांकि उसने और बाकियों ने अपनी फांसी के खिलाफ अपील की है।



                                                      परिवार ने कर्ज लेकर भेजा था दुबई
दरअसल, परिवार ने चंद्रशेखर को 80 हजार रुपये का कर्ज लेकर दुबई भेजा था। यहां आकर वह टाईलों की फैक्ट्री में काम करने लगा और घर भी पैसे भेज रहा था, लेकिन एक रात जब वह अपने साथियों के साथ कमरे पर लौटा, तो उस दौरान कुछ युवक दूसरे कमरे में पाकिस्तानी युवक का कत्ल कर रहे थे।
इसके बाद उसमें से कुछ लड़के चंद्रशेखर के कमरे में घुस गए। मौके पर पहुंची पुलिस ने उसे भी गिरफ्तार कर लिया और कोर्ट में पेश कर दिया। चंद्रशेखर ने बताया कि मृत पाक युवक के परिजनों से राजीनामे की बात चल रही थी, लेकिन कोर्ट ने उन्हें फांसी की सजा दे दी।