हज़ारो माँ-बहनों की अस्मत तार-तार की गई फिर भी कांग्रेस सेक्युलर है?

बाबरी मस्जिद का ताला राजीव गांधी ने खुलवाया था फिर भी कांग्रेस पार्टी सेक्युलर है। बाबरी मस्जिद की शहादत के वक़्त कांग्रेस पार्टी के नरसिम्भा राव प्रधानमंत्री थे। और 6 दिसम्बर 1992 को नर सिम्भा राव सुबह से ही पूजा करने बैठ गए थे जो मस्जिद शहीद होने की खबर सुनकर ही पूजा से उठे थे। नर सिम्भा राव के मरने के बाद उनकी अधजली लाश चिता से निकाल कर कुत्तो ने खायी थी। यह खबर अन्तर्राष्टीय सुर्ख़ियों में भी छाई थी।
कांग्रेस ने भागलपुर में दंगे करवाये जिसमे हज़ारो बेगुनाह मुसलमान क़त्ल किए गए और हज़ारो माँ-बहनों की अस्मत तार-तार की गई  फिर भी कांग्रेस सेक्युलर है।
कांग्रेस ने मालियानी में मुसलमानो के खून की होली खेली फिर कांग्रेस सेक्युलर है।मेरठ के हाशिमपुरा में पीएसी ने नौजवानों को घरों से निकालकर नहर किनारे गोलियों से भूनकर मौत के घाट उतार दिया था। जिसकी प्लानिंग उत्तर प्रदेश के तत्कालीन कांग्रेसी मुख्यमंत्री वीर बहादुर सिंह व तत्कालीन गृह राज्यमंत्री पी चिदम्बरम ने की थी। फिर भी कांग्रेस सेक्युलर है।



रामपुर में आज़म खाँ द्वारा बनवाई गई मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी का नाम पहले मौलाना मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी था। कांग्रेस ने मौलाना नामपर घोर आपत्ति ज़ाहिर की और कई साल तक यूनिवर्सिटी नही बनने दी। जब आज़म खाँ ने यूनिवर्सिटी से मौलाना लफ्ज़ हटाया तब जाकर कांग्रेस ने अपनी आपत्ति वापस ली। फिर भी आप कहते हो कांग्रेस सेक्युलर है। मुझे हैरत इस बात पर नही है कि कांग्रेस आपकी नज़र में सेक्युलर है। 
अगर आपकी ऐसी सोच है तो मैं यकीन के साथ कह सकता हूँ की या तो आपको मोतियाबिंद है या फिर आप किसी पार्टी के भक्त हो।
जो सही और गलत में फ़र्क़ नही कर पा रहे हो।
अतीक_अत्तारी