सेक्युलरो की बैठक में बैठक में गुलदशता के आदान-प्रदान से अधिक कुछ भी नहीं हुआ


बाबरी मस्जिद को ध्वस्त कर दिया गया. मामला को विवादास्पद बना दिया गया. सभी सेक्युलर लोग मस्ज़िद की जगह हॉस्पिटल, शैक्षणिक संस्थान या पार्क बनाने की वक़ालत कर रहे है. दिल्ली के ओखला में 214 बीघा जमीन विवादास्पद है. 

इस जमीन पर जामिया मिल्लिया इस्लामिया मेडिकल कॉलेज बनाना चाहती है. माननीय उच्च न्यायलय ने जामिया मिल्लिया इस्लामिया के हक़ में फैसला सुना दिया. फिर भी उत्तरप्रदेश सरकार सुप्रीम कोर्ट पहुँच गयी और सुप्रीम कोर्ट ने मश्विरा दिया की उत्तरप्रदेश और दिल्ली की सरकारें आपस में मिलकर सुलह कर ले. दोनों प्रदेशों में सेक्युलरों की सरकार है. 

यदि दोनों सरकार चाहती तो मिलजुलकर जमीन जामिया के मेडिकल कॉलेज के लिए वक़्फ़ कर देती. लेकिन, अखिलेश और केज़रीवाल के बैठक में गुलदशता के आदान-प्रदान से अधिक कुछ भी नहीं हुआ. सेक्युलरों को चाहिए की इस विवादस्पद ज़मीन पर मेडिकल कॉलेज खोलने की मांग करे. अच्छी बात यह है कि इसमें किसी की आस्था पर चोट भी नहीं पहुँचेगी.