आर्मी जवाने के पेंशन में कटौती, हात्यारोपीयो को महत्त्व

नई दिल्ली : पीओके में सर्जिकल स्ट्राइक को आगामी चुनावों में भुनाने की कोशिश में जुटी मोदी सरकार ने सैनिकों के पेंशन में कटौती कर दी है।रक्षा मंत्रालय ने सेवा के दौरान विकलांग होने वाले सैनिकों की पेंशन में 18 हजार रुपये प्रति महीने की कटौती की है। इस कटौती का फरमान सर्जिकल स्ट्राइक के अगले दिन ही जारी किया गया।



28-29 सितंबर की रात भारतीय सेना के एलीट कमांडो पीओके में घुसे और आतंकवादियों के कई कैंप तबाह कर दिए। ये कमांडो अपनी जान को जोखिम में डाल कर एलओसी पार गए थे। अगले दिन देशभर में सर्जिकल स्ट्राइक का शोर था और उरी हमले का बदला लिए जाने का जश्न। सबसे खुशी की बात यह रही कि हमारे कमांडो बिना किसी नुकसान को दुश्मन को बड़ा घाव देकर आए थे।



लेकिन अगर उस ऑपरेशन के दौरान कोई जवान बुरी तरह चोटिल हो जाता है और 100 विकलांगता की श्रेणी में आ जाता तो उसे नौकरी से निकाल दिया जाता और उसे मिलने वाले पेंशन को 45,200 रुपये से घटाकर 27,200 रुपये प्रति महीने कर दिया जाता। क्योंकि 30 सितंबर को ही रक्षा मंत्रालय ने विकलांगता पेंशन से जुड़ा एक फरमान जारी कर दिया।



(लाइवइंडिया से)