हिजाब गुलामी का प्रतिक है, तो क्या अमेरिकन महिलाए स्वतंत्र है ?

हिजाब गुलामी का प्रतिक है, तो क्या अमेरिकन महिलाए स्वतंत्र है ?


भारत से लेकर पाकिस्तान बांग्लादेश समेत लगभग पूरे एशिया में मुस्लिम औरतों के सम्मान की बातें की जा रही हैं। न्यूज़ डिबेट हो या फिर सोशल मीडिया हर जगह बैलेंसवादि सेक्युलर/ नास्तिकों ने इस्लाम पर तीर चलाते हुए बुरका/हिजाब पर्दा करने वाली मुस्लिम औरतों को पिछड़ा बताते हुए पश्चिमी देश अमेरिका मिसाल देते हैं। इसमें कुछ भोले भाले मुस्लिम भी इनके चक्रव्यूह में फंस कर इस्लाम के खिलाफ ज़हर उगलते हैं। इस्लाम में बदलाव की मांग करते हैं। मुस्लिम महिलाओं को योरिपी, अमेरिकी कल्चर अपनाने की ताकीद करते हैं।

महिलाओं के सम्मान उनकी स्वतन्त्रता की बात करने वाले बैलेंसवादि सेक्युलर नास्तिक येह क्यू भूल जाते हैं। आप जिस अमेरिका कल्चर की मिसाल देते हो उसी अमेरिका में आज तक कोई महिला राष्ट्रपति नही बन सकी। महिलाओं की स्वतन्त्रता की बात करने वाले अमेरिका में आज भी लाखों महिलाएं वैश्यावृत्ति करने पर मजबूर हैं।

महिलाओं के हुक़ूक़ की बातें आप इक्कीसवें सदी में कर रहे हैं। मुसलमानो ने आज से हज़ारो साल पहले महिलाओं को सम्मान प्रदान कर दिया था। नवाब शमशुद्दीन अल्तमश ने अपनी पुत्री रज़िया सुल्ताना को हुक्मरान बना दिया था। रज़िया सुल्ताना को सिर्फ एशिया की ही नही बल्कि पुरे विश्व की प्रथम प्रतिनिधित्व का होने का मकाम हासिल है। 

आलोचना करना आपका हक़ है। खूब करिए। लेकिन इतिहास को छुपाते हुए नही। उन्हें तोड़ मरोड़ कर नही। आलोचना तभी की जाती है जब सामने वाले का आगे पीछे का इतिहास मालूम हो। आप मेरी नज़रों में आलोचक नही हैं। आप ढोंगी। वोह भी एक बैलेंसवादि सेक्युलर/नास्तिक के रूप में। मुस्लिम महिलाओं की चिंता आप करना छोड़ दें। वोह पढ़ रही हैं। डाक्टर बन रही हैं। पायलट बन रही हैं। अब दुनिया इनके पीछे है। और येह दुनिया के आगे। बहुत आगे हैं। हमे गर्व है अपनी बेटियों पर।
-सलीम जावेद

संयुक्त राज्य अमरीका (U.S.A.) को विश्व का सबसे अधिक प्रगतिशील देश समझा जाता है। परन्तु यही वह महान देश है जहाँ बलात्कार की घटनाएं पूरे संसार की अपेक्षा सबसे अधिक होती हैं। एफ़.बी.आई की रिपोर्ट के अनुसार 1990 ई. में केवल अमरीका में प्रति दिन औसतन 1756 बलात्कार की घटनाएं हुईं। उसके बाद की रिपोर्टस में (वर्ष नहीं लिखा) प्रतिदिन 1900 बलात्कार काण्ड दर्ज हुए। संभवतः यह आंकड़े 1992, 1993 ई. के हों और यह भी संभव है कि इसके बाद अमरीकी पुरूष बलात्कार के बारे में और ज़्यादा ‘‘बहादुर’’ हो गए हों।

‘‘वास्तव में अमरीकी समाज में देह व्यापार को कानूनी दर्जा हासिल है। वहाँ की वेश्याएं सरकार को विधिवत् टेक्स देती हैं। अमरीकी कानून में ‘बलात्कार’ ऐसे अपराध को कहा जाता है जिसमें शारीरिक सम्बन्ध में एक पक्ष (स्त्री अथवा पुरूष) की सहमति न हो। यही कारण है कि अमरीका में अविवाहित जोड़ों की संख्या लाखों में है जबकि स्वेच्छा से व्याभिचार अपराध नहीं माना जाता। अर्थात इस प्रकार के स्वेच्छाचार और व्यभिचार को भी बलात् दुष्कर्म की श्रेणी में लाया जाए तो केवल अमरीका में ही लाखों स्त्री-पुरूष ‘‘ज़िना’’ जैसे महापाप में संलग्न हैं।’’
 - संपादक