असली आतंकवादी को बचाने के लिए फंसाए गए सैकड़ो बेगुनाह मुस्लिम

असली आतंकवादी को बचाने के लिए फंसाए गए सैकड़ो बेगुनाह मुस्लिम

हाल ही में मा. न्यायालय ने मालेगाव ब्लास्ट के सभी आरोपियों को 10 साल बाद उनके खिलाफ कोई भी सबूत ना मिलने पर रिहा किया. और टिपण्णी की है की, उक्त आरोपियों को बली का बकरा बनाया गया था. इसी तरह आज तक सैकड़ो बेगुनाह मुस्लिम रिहा हुए और हजारो की तादाद में अभी भी जेलों में सजा काट रहे है. यह सिर्फ असली आतंकवादियों को बचाने के लिए षडयंत्र किये जाने की चर्चा बड़े दिग्गजों समेत सोशल मीडिया पर शुरू है. अब सवाल यह उठता है की, 01.जब यह सैकड़ो बेगुनाह है और इन्हें अदालत ने बाइज्जत बरी किया है, तब इनके जिंदगी के वह 10/15/20 साल कौन लौटाएगा जो इन्होने निर्दोष होते हुए भी बुरी तरह की सजा काटी ? 02.और इससे बड़ा सवाल यह है की, फिर उनको कब और कैसे गिरफ्त में लिया जाएगा जो इन वारदातों के 03.असली गुनाहगार है ? क्या इनके लिए कुछ किया जारहा है ?



01. जब यह लोग बेगुनाह साबित हुए तो गुनाहगार कौन है इसकी जांच करनी चाहिए या नहीं ?
02. अगर जांच करनी चाहिए तो इसके लिए आवाज कौन उठाएगा ?
03. बेगुनाहों के जिंदगी का 10-20 का अनमोल वक्त की भरपाए मिलनी चाहिए ?
04. भरपाई किस सूरत में होनी चाहिए ?
 इन सवालों के जवाब की आपसे उम्मीद करता हु.
16 वर्षो से जेल की सलाखों के पीछे अपने जिंदगी का सबसे कीमती गंवाने वाले पीएचडी के छात्र गुलजार को हाल ही में आगरा की एक अदालत ने आतंकवादी गतिविधियो में शामिल होने के आरोपों से बा-इज्जत बरी किया है.
इसी तरह तीन बार फांसी की सजा पाए हिमायत बेग को भी अदालत ने रिहा किया है. ऐसे ही सैकड़ो निर्दोष को रिहाई मिली और हजारो निर्दोष रिहाई पाने वाले है. लेकिन अफ़सोस इस बात का है. की, इन बेगुनाहों के जेल जाने के बाद ना किसीने इनका साथ दिया और ना ही रिहा होने के बाद इनके जिंदगी के अनमोल वक्त गंवाने के विषय पर कोई भी मुस्लिम हितचिंतक अथवा कोई और चर्चा तक करता नहीं दिखाई दे रहा है. सभी अपनी अपनी दुकाने लगाए बैठे है. आज फेसबुक पर शमीम अंसारी ने बहुत बढ़िया सवाल किया जो इस तरह है
"मुसलमानों के जितने भी नेता है वो चाहे MLA हो या MP हो उन सब से मेरा सवाल है की तुमने अपनी कौम के लिए क्या किया कौनसा ऐसा काम है जिससे हमारी कौम सर उठा कर कहे की ये मेरे रहबर है"
इस सवाल का जवाब एक ही हो सकता है, किसीने भी कुछ भी नहीं किया बस सब अपनी अपनी दूकान लगाए बैठे है. प्रिय पाठको मैं आपसे अपेक्षा करता हूँ के उपरोक्त सवालों का जवाब दे.....

धन्यवाद.....!!!