डा. बाबासाहब आंबेडकर और मुसलमान

डा. बाबासाहब आंबेडकर और मुसलमान

बाबासाहेब ने जब चवदार तालाब का आंदोलन चलाया और सभा भरने के लिये बाबासाहेब को कोई गैरमुस्लिम जगह नहीं दे रहा था तब एक मुसलमान ने आगे आकर अपनी जगह दी और कहा बाबासाहब आप मेरी जगह मे अपनी सभा भर सकते हो !!!

गोलमेज परिषद मे जब गांधी ने बाबासाहब का विरोध किया और रात के बारा बजे गांधी ने मुसलमानो को बुलाकर कहा की, "आप बाबासाहब का विरोध करो तो मैं आपकी सभी मांगे पूरी करुंगा" तब मुसलमानो ने मना कर दिया और कहा कि हम बाबासाहब का विरोध किसी भी हाल मे नहीं करेंगे, हम मजलूमों का ही साथ देंगे. और ये बात मुसलमानो ने आकर बाबासाहब को कह दी कि गांधी हमे आपका विरोध करने के लिये कह रहे है !!!

संदीप कुमार शिला
मंदिर प्रवेश के आंदोलन के समय मनुवादियों ने बाबासाहब ओर उनकी टीम पर खुनी हमला किया था, तब मुसलमानो ने ही बाबासाहब ओर उनके साथीओ को बचाया था.

संविधान सभा मे जब सारे हिन्दु (गांधी, नेहरू और सरदार पटेल) ने मिलकर बाबासाहब के लिये संविधान सभा के सारे दरवाजे और खिड़कीया भी बंद करदी थी तब पच्छिम बंगाल के मुसलमानो ने बाबासाहब को वोट देकर चुनाव जिताया और बाबासाहब को संविधान सभा मे  मुसलमानो ने भेजा!!!

अगर बाबासाहेब को मुसलमान वोट नहीं देते और बाबासाहेब संविधान सभा मे नहीं जाते तो आज हम कहां होते ?

इतिहास साक्षी है आज तक मुसलमानो ने कभी भी दलितो पर अत्याचार नही किया. ओर ये बात पुरी दुनिया जानती है की दलितो पर सबसे ज्यादा अत्याचार मनुवादियों ने ही किया है.

क्या आज इस बात का अहसास है उनको जो अंबेडकर को मानते है?
-संदीप कुमार शिला