कुरआन के अपमान पर सब्र और शांति से काम लेंगे मुसलमान.

ऐ लोगो हम (अल्लाह) ही ने कुरआन को अवतरित किया है आकाश से धरती पर और हम (अल्लाह) ही इसकी हिफाजत करेंगे - अल कुरआन

मुबारकपुर में कुरआन के पन्नो से बनी प्लेटो के मिलने से मुसलमानों में आक्रोश छाया हुआ दिखाई दे रहा है. कुरआन को मानने वालो ने इस बात का भी ख़याल रखना होगा की, अलाह सुभानाऊ ताआला ने कुरआन की हिफाजत करने की जिम्मेदारी ली है. दुनिया में एक ही चीज है जिसकी जिम्मेदारी अल्लाह ने खुद ली है. और उसी कुरआन में कहा गया है की, सब्र से काम ले और माहौल को ना बिगाड़े. और कुरआन को मानने वाले लोग उसी पर अमल कर रहे है. और शान्ति बनी है. लेकिन जिन्होंने दंगे कराने के मकसद से कुरआन का अपमान किया वही लोग सोशल मीडिया पर बढ़ा चढ़ा कर जानकारी पेश कर रहे है. क्यूंकि उनका दंगा कराने का मकसद फेल हुआ. अब इतनी म्हणत की है तो वह खाली ना जाए इसलिए वही लोग बढ़ा चढ़ा के जानकारी पेश कर रहे है ता की, मुसलमान लोग ज्यादा से ज्यादा आक्रोशित हो. लेकिन मुसलमानों को इस बात का पूरा पूरा ख़याल रखना चाहिए की, इस घटना को दिमाग से सोचे ना के दिल से, इसके पीछे दुश्मनों का क्या मकसद है. वह क्या करना चाहते है. कहीं मुसलमानों का किसी मुख्य विषय से ध्यान तो नहीं भटकाना चाहते? और यह सभी बाते सोचकर कदम उठाना जरुरी है. और बड़े लोगो ने नवजवानों को सब्र की तलकीन करनी चाहिए.
("ऐ लोगो कुरआन को हम (अल्लाह) ही ने नाजिल किया है आसमान से धरती पर. और इसकी हिफाजत  हम ही करेंगे" अल कुरआन) मुसलमानों ने यह बात अल्लाह पर छोड़ देनी चाहिए.